
पंजाब में लगातार हो रही बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण आई विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना ने ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (HADR) मिशन के तहत अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है।
अब तक सेना और वायुसेना ने मिलकर 1600 से अधिक लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला है। इस बड़े पैमाने के राहत अभियान में अब तक 12 हेलिकॉप्टर, एक ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, और 20 से अधिक जमीनी टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इसके साथ ही कई दुर्गम और कटे हुए इलाकों तक 3800 किलोग्राम राहत सामग्री भी पहुंचाई जा चुकी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना और वायुसेना की पूरी ताकत झोंकी गई
भारतीय सेना ने रूद्र हेलिकॉप्टर के बाद अब एचएएल-चीता को भी इस आपातकालीन अभियान में उतार दिया है। वहीं, भारतीय वायुसेना ने पांच MI-17 हेलिकॉप्टर और एक चिनूक को सक्रिय रूप से राहत कार्यों में लगाया है। इसके अलावा वायुसेना ने जम्मू क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट AN-130 को तैनात कर दिया है, जो राहत सामग्री और राहतकर्मियों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है।
सेना के अफसरों ने बताया कि अब तक कुल 95 विंच ऑपरेशन और 101 लो-हॉवर ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकाला गया।
1600+ लोगों का सफल रेस्क्यू, अफसर और जवान भी शामिल
सेना की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के कारण विभिन्न इलाकों में फंसे 1600 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इनमें 11 सरकारी अधिकारी (पंजाब सरकार के), 212 अर्धसैनिक बल के जवान (BSF और CRPF से), 50 अनाथालय के बच्चे, सैकड़ों ग्रामीण नागरिक
शामिल हैं।
इनमें से कई लोग सीमावर्ती इलाकों और नदी किनारे के गांवों में फंसे हुए थे, जिन तक सड़क मार्ग से पहुंचना असंभव हो गया था।
राइजिंग स्टार कोर ने तैनात की 20 टुकड़ियां
सेना की राइजिंग स्टार कोर ने अपने 20 से ज्यादा दल बाढ़ प्रभावित इलाकों में तैनात कर दिए हैं। इस कोर ने अकेले 943 लोगों का रेस्क्यू किया है। जिन क्षेत्रों में ये टुकड़ियां सक्रिय हैं उनमें तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, डेरा बाबा नानक, फाजिल्का और फिरोजपुर जैसे जिले प्रमुख हैं। सेना ने बताया कि राइजिंग स्टार कोर की कार्रवाई ने विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में मदद की है, जहां बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवान भी बाढ़ के चलते फंस गए थे।
पठानकोट और डेरा बाबा नानक में ऑपरेशन तेज
व्रज कोर की पठानकोट डिवीजन के तहत रामदास-अजनाला क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। यह इलाका ब्यास नदी के किनारे स्थित है और सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। यहां 40 से ज्यादा गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
सेना के जवानों ने न केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, बल्कि उन्हें दवाइयां, भोजन और अन्य जरूरी सामान भी वितरित किया है।
सेना के जवान भी फंसे, वायुसेना ने किया एयरलिफ्ट
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राहत कार्यों में लगे सेना और बीएसएफ के जवान भी बाढ़ में फंस गए। डेरा बाबा नानक क्षेत्र में 38 सेना के जवान और 10 बीएसएफ के जवान बाढ़ के बीच घिर गए थे। सूचना मिलते ही वायुसेना ने MI-17 हेलिकॉप्टर भेजकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसी तरह पठानकोट में फंसे 46 लोगों को वायुसेना ने एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत कार्य के साथ-साथ वायुसेना ने 750 किलोग्राम राहत सामग्री भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाई।
चिनाब, रावी और ब्यास नदी में उफान, हालात गंभीर
पंजाब के प्रमुख नदियों—चिनाब, रावी और ब्यास—का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। इन नदियों के किनारे बसे गांवों में पानी भर चुका है और सड़कें पूरी तरह से कट चुकी हैं। लगातार बारिश के कारण हालात और बिगड़ने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए फिर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन और सेना दोनों अलर्ट मोड में हैं।