फरीदकोट पुलिस ने काउंटर इंटेलिजेंस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के साथ मिलकर एक सप्ताह पहले हुए यादविंदर सिंह हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे बंबीहा गैंग का हाथ निकला है और पुलिस ने इस मामले में गैंग से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन शूटर और उनके चार सहयोगी शामिल हैं।
यह गिरफ्तारी राज्य में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। हत्याकांड में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैठे गैंगस्टर की भूमिका सामने आने से एक बार फिर पंजाब में गैंगवार की गहराई और उसका फैलाव उजागर हुआ है।
हत्या की पृष्ठभूमि: गलत पहचान बना वजह
यह हत्याकांड 22 जुलाई 2025 को गांव ब्राह्मण वाला में हुआ था, जब तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने अंधाधुंध फायरिंग कर यादविंदर सिंह की हत्या कर दी थी। यादविंदर उस समय एंडेवर कार चला रहा था और जीवनजोत सिंह चहल उर्फ जुगनू का ड्राइवर था।
जांच में यह बात सामने आई कि असल निशाना जुगनू था, लेकिन गलत पहचान के चलते यादविंदर सिंह को गोली मारी गई। जुगनू वही व्यक्ति है जिसे पहले सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में संदिग्ध माना गया था, लेकिन बाद में उसे क्लीन चिट दी गई थी।
गिरफ्तारियां कैसे हुईं?
मुख्य आरोपी चिंकी और सूरज कुमार को सिरसा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान चिंकी ने पुलिस को मोटरसाइकिल की बरामदगी के बहाने गुमराह कर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और फिर पकड़ा गया।
गुरमीत सिंह उर्फ गुंबर राजपूत और मनप्रीत सिंह उर्फ गटरी को पटियाला जिले के राजपुरा से गिरफ्तार किया गया। जबकि मंगल, हरमन और बंटी को फिरोजपुर से दबोचा गया।
पूरी कार्रवाई को फरीदकोट पुलिस, काउंटर इंटेलिजेंस, और AGTF की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
हत्या की साजिश: विदेश में बैठे गैंगस्टर का इशारा
फरीदकोट रेंज के डीआईजी अश्विनी कपूर ने एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन की उपस्थिति में प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि इस हत्या की साजिश बंबीहा गैंग से जुड़े विदेश में छिपे गैंगस्टर गौरव उर्फ लक्की पटियाल ने रची थी।
लक्की पटियाल ने इस हत्या को अपने भाई दीपक मान की मौत का बदला बताते हुए चिंकी और उसके साथियों को जुगनू की हत्या के लिए उकसाया था। मगर मौके पर जुगनू की जगह ड्राइवर यादविंदर सिंह की जान चली गई।
बंबीहा गैंग: पंजाब में गैंगवार का काला चेहरा
बंबीहा गैंग का नाम पिछले कई वर्षों से पंजाब में चल रहे गैंगवार में बार-बार सामने आता रहा है। इस गैंग का नेटवर्क न केवल राज्य के भीतर फैला हुआ है, बल्कि विदेशों तक इसकी पहुंच है।
गैंग अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से हत्या की जिम्मेदारी लेता है, और अपने प्रतिद्वंद्वी गैंगों के खिलाफ खुलेआम धमकियां देता है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद इस गैंग पर पुलिस की नजर और भी तेज हो गई थी, लेकिन विदेश में छिपे सरगनाओं की वजह से इन्हें जड़ से खत्म कर पाना अब भी चुनौती बना हुआ है।
गैंगस्टर संस्कृति पर पुलिस की चिंता
डीआईजी अश्विनी कपूर ने कहा, “पंजाब में गैंगस्टर गतिविधियों को खत्म करने के लिए पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं। ऑपरेशन सिंदूर और हालिया हत्याओं के बाद गैंगस्टर नेटवर्क को तोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इस केस की सफलता इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”
एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने कहा कि “इस केस को हल करने के लिए तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी और जमीनी कार्रवाई को एक साथ जोड़ा गया। आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं क्योंकि इस हत्याकांड में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।”