
पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की तस्करी और उसके प्रभाव से निपटने के लिए एक गंभीर अभियान छेड़ रखा है, और अब इस अभियान में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी सक्रिय रूप से शामिल होने जा रहे हैं। राज्यपाल कटारिया ने हाल ही में घोषणा की कि वे गुरदासपुर और अमृतसर जिलों में पैदल यात्रा निकालेंगे ताकि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा सके। हालांकि, राज्यपाल ने यह स्पष्ट किया कि उनकी यह यात्रा पंजाब सरकार के प्रयासों से अलग नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सहयोग देना है।
राज्यपाल ने नशे के खिलाफ इस संघर्ष में सभी राजनीतिक दलों को एकजुट करने का आह्वान किया और उन्होंने इसे पंजाब की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान को बढ़ावा देने के लिए है और वे इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने का प्रयास करेंगे।
राज्यपाल की पैदल यात्रा का उद्देश्य
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने 3 अप्रैल से अपनी पैदल यात्रा की शुरुआत करने का निर्णय लिया है, जो गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से शुरू होगी। इस यात्रा का उद्देश्य पंजाब में नशे की समस्या के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। यात्रा की शुरुआत करतारपुर साहिब Corridor के पास से होगी, और अगले कुछ दिनों में यह यात्रा गुरदासपुर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए अमृतसर के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचेगी।
राज्यपाल कटारिया ने अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए कहा, “2018 में AIIMS द्वारा किए गए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि पंजाब में नशे की समस्या बहुत बढ़ चुकी है, और यह राज्य के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। इसलिए मैंने इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाने के लिए पैदल यात्रा निकालने का निर्णय लिया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। राज्यपाल ने अपनी यात्रा को राजनीतिक लाभ से दूर रखते हुए इसे एक सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दा माना और सभी राजनीतिक दलों से इसमें शामिल होने की अपील की।
यात्रा की रूपरेखा और कार्यक्रम
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया की यात्रा 3 अप्रैल से शुरू होगी और 8 अप्रैल तक जारी रहेगी। यात्रा का कार्यक्रम निम्नलिखित है:
- 3 अप्रैल: यात्रा गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से शुरू होगी, जो करतारपुर साहिब Corridor के पास स्थित है।
- 4 अप्रैल: यात्रा का दूसरा दिन गुरदासपुर जिले के अन्य हिस्सों में यात्रा की जाएगी।
- 5 और 6 अप्रैल: इन दो दिनों में यात्रा अमृतसर के ग्रामीण क्षेत्रों से होकर जाएगी।
- 7 और 8 अप्रैल: यात्रा के अंतिम दो दिन अमृतसर शहर में होंगे, जहां राज्यपाल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए जनसभाओं और वार्ताओं में भी भाग लेंगे।
राज्यपाल कटारिया ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे की हानियों के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस समस्या के खिलाफ एकजुट करना है। उन्होंने कहा, “मैंने कोशिश की है कि इस यात्रा में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हों, ताकि हम एक साथ मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकें।”
पंजाब सरकार का नशा तस्करी के खिलाफ अभियान
राज्यपाल ने पंजाब सरकार द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार नशे तस्करी के खिलाफ गंभीर है और इस मुद्दे पर काम कर रही है। सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है, जिसमें तस्करों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाना भी शामिल है।”
राज्यपाल ने कहा कि नशे की समस्या केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है, और इसे समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक स्वागत योग्य कदम है, और वे इसके लिए अपना समर्थन देने के लिए यात्रा कर रहे हैं।
विपक्ष का रुख और राज्यपाल की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को शुरू करने में देर हो गई है। विपक्ष का आरोप था कि सरकार को इस अभियान की शुरुआत तीन साल पहले ही करनी चाहिए थी, जब राज्य में नशे की समस्या को लेकर चिंताएं बढ़ रही थीं। इस पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “विपक्ष का धर्म होता है सरकार को घेरना, लेकिन नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।”
उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इस मुद्दे पर पंजाब सरकार का समर्थन करें, क्योंकि नशे की समस्या किसी एक पार्टी या व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी राज्य की समस्या है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सत्तारूढ़ दल या विपक्ष से ऊपर है, और सभी को मिलकर इसका समाधान निकालने की जरूरत है।
आम आदमी पार्टी का रुख
पंजाब के आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने राज्यपाल की पैदल यात्रा की तारीफ की है। उन्होंने कहा, “अगर राज्यपाल नशे के खिलाफ यात्रा निकाल रहे हैं तो यह बहुत अच्छी बात है। हम भी पंजाब के लोगों को साथ लेकर नशे के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, और यह अच्छा है कि राज्यपाल भी इस दिशा में अपना सहयोग दे रहे हैं।”
अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी राज्य सरकार की नशे के खिलाफ अभियान को लेकर प्रतिबद्ध है, और राज्य में नशे की तस्करी को समाप्त करने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने राज्यपाल द्वारा शुरू की गई पैदल यात्रा को इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना और इसका समर्थन किया।