पंजाब के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने सोमवार को एक अहम बयान जारी करते हुए राज्य की स्वामित्व वाली बिजली कंपनी पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के हड़ताली कर्मचारियों से तीन दिवसीय हड़ताल समाप्त करने और तुरंत काम पर लौटने की अपील की है।
कर्मचारी लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ते (DA) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल का असर पंजाब में बिजली की सप्लाई और प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा है। लेकिन अब, सरकार की ओर से बड़े आश्वासनों के बाद बिजली मंत्री ने इसे “अनुचित और जनविरोधी” करार देते हुए कर्मचारियों से अपने “फर्ज” को निभाने की अपील की है।
बिजली मंत्री की चेतावनी – जनजीवन हो सकता है अस्त-व्यस्त
बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो राज्यभर के घरेलू, कृषि और औद्योगिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा: “बिजली की लगातार आपूर्ति घरों, खेतों और कारखानों के लिए बेहद जरूरी है। अगर सप्लाई बाधित होती है, तो लाखों लोगों की जिंदगी प्रभावित होगी।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसानों के लिए यह समय धान की रोपाई और सिंचाई का बेहद महत्वपूर्ण है, और बिजली आपूर्ति में रुकावट से कृषि उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही गर्मी के मौसम में बिजली कटौती आम जनता, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं खड़ी कर सकती है।
10 अगस्त की अहम बैठक में बनी सहमति
हरभजन सिंह ने जानकारी दी कि सरकार और कर्मचारियों के बीच 10 अगस्त को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें उनकी अधिकांश मांगों पर सहमति बन चुकी है।
बैठक की अध्यक्षता खुद बिजली मंत्री और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने की थी। बैठक में कर्मचारियों की यूनियनों और PSPCL प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
इन मांगों को किया गया स्वीकार:
- नई भर्तियों के लिए पदों का सृजन: सरकार ने PSPCL में रिक्त पदों को भरने और नई भर्तियों की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का वादा किया।
- महंगाई भत्ता (DA) का भुगतान: लंबित डीए भुगतान पर सरकार सहमत हुई है और इसके क्रियान्वयन के लिए वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS): इस पर चर्चा के बाद सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक समाधान निकालने का भरोसा दिया है।
- ग्रिड सबस्टेशन कर्मियों को ओवरटाइम का भुगतान: कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित ओवरटाइम बिलों के भुगतान को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
- नकदी रहित चिकित्सा सुविधा: कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए कैशलेस इलाज प्रणाली लागू की जाएगी।
- एक्स-ग्रेशिया राशि में बढ़ोतरी: सेवानिवृत्त कर्मचारियों या दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाई जाएगी।
- कार्यालयों की मरम्मत और सुविधाएं: PSPCL के कार्यालयों और फील्ड यूनिट्स की मरम्मत, रखरखाव और आधुनिकीकरण का कार्य भी शुरू किया जाएगा।
‘अब हड़ताल जारी रखना अनुचित’ – बिजली मंत्री की दो-टूक
हरभजन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि चूंकि सरकार ने लगभग सभी प्रमुख मांगों को मान लिया है, इसलिए अब कर्मचारियों का हड़ताल जारी रखना किसी भी तरह से उचित नहीं है। “अब जब बातचीत से समाधान निकाला गया है, तो सेवा भाव से ड्यूटी पर लौटना ही सही होगा। PSPCL के कर्मचारी बेहद सक्षम और जागरूक हैं, उन्हें राज्य की जनता के हित को प्राथमिकता देनी चाहिए।”
जनता को हो रही है परेशानी – सरकार चिंतित
मंत्री ने बताया कि बिजली सप्लाई बाधित होने से कृषि कार्य, व्यापारिक गतिविधियां, शैक्षणिक संस्थान, और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। पंजाब के कई जिलों से बिजली कटौती की शिकायतें मिल रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसानों को कठिनाई हो रही है। वाणिज्यिक संगठनों ने भी सरकार से अपील की है कि हड़ताल का शीघ्र समाधान निकाला जाए, ताकि उत्पादन में आ रही रुकावट को दूर किया जा सके।
बिजली मंत्री ने जताया भरोसा – कर्मचारी समझेंगे जिम्मेदारी
हरभजन सिंह ने भरोसा जताया कि PSPCL के कर्मचारी राज्य की रीढ़ हैं और वे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जल्द से जल्द ड्यूटी पर लौटेंगे। “हमारे कर्मचारी न केवल तकनीकी रूप से दक्ष हैं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील हैं। हमें पूरा विश्वास है कि वे राज्य की जनता को अंधेरे में नहीं रखेंगे।”