पंजाब में मानसून इस समय अपनी पीक पर है। बीते चार दिनों से राज्यभर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और बांधों का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद फ्लड गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आगामी 13, 14 और 15 अगस्त को राज्य में तीव्र वर्षा के आसार हैं, जिसके चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे सूबे के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
डैमों से छोड़ा जा रहा पानी, निचले इलाकों में दहशत का माहौल
सबसे चिंताजनक स्थिति पौंग डैम और हरिके हेडवर्क्स से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण बनी हुई है। मंगलवार को लगातार छठे दिन भी पौंग डैम से पानी छोड़ा गया, जिससे ब्यास नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। पौंग डैम से मंगलवार को कुल 55,904 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसमें:
- 17,849 क्यूसेक पावर हाउस की 6 टर्बाइनों से
- 38,055 क्यूसेक स्पिलवे के 6 गेट्स से
- और शेष पानी शाह नहर बैराज में भेजा गया।
इस वजह से गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर और तरनतारन जिले सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। नदियों का पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है और फसलों, मकानों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की आशंका है।
हरिके हेडवर्क्स से छोड़े गए पानी से फिरोजपुर के गांवों में बाढ़ का खतरा
फिरोजपुर, जो कि सतलुज नदी के किनारे बसा सीमावर्ती जिला है, वहां हालात बेहद चिंताजनक हैं। मंगलवार को हरिके हैड़ से हजारों क्यूसेक पानी छोड़े जाने से टापू कालू वाला, जो तीनों ओर से सतलुज से घिरा हुआ है, सबसे ज्यादा बाढ़ के खतरे में है।
इसके अलावा, हुसैनीवाला के लगभग 17 गांव और 11 पंचायतों पर भी खतरा मंडरा रहा है। गुरुहरसहाए, जलालाबाद और फाजिल्का जैसे इलाके भी सतलुज के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हरिके हेड से संबंधित हलके के विधायक नहरी विभाग पर पानी छोड़ने का दबाव बना रहे हैं, जिससे स्थिति और भी विकट हो रही है। ग्रामीणों ने चेताया है कि यदि बाढ़ आती है, तो धान की फसल के साथ-साथ सब्जियों की फसल भी पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
सीनियर नेता का दौरा, ग्रामीणों की पीड़ा सुनी
बढ़ते संकट के बीच सीनियर नेता सुखपाल सिंह नन्नू ने सीमावर्ती गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत उपायों और संभावित बाढ़ क्षेत्रों में तत्काल अलर्ट जारी करने की मांग की।
नन्नू ने कहा, “सरकार को सिर्फ चेतावनी देने से आगे बढ़कर सक्रिय राहत और पुनर्वास की योजना बनानी चाहिए। जिन गांवों पर बाढ़ का खतरा है, वहां नावों, राहत शिविरों, चिकित्सा सुविधाओं और पशुचारे की व्यवस्था अभी से शुरू होनी चाहिए।”
मौसम विभाग का येलो अलर्ट: तीन दिन रहिए सतर्क
मौसम विभाग ने पूरे पंजाब के लिए 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाएं, बिजली गिरने, और मूसलाधार वर्षा की संभावना है। निचले क्षेत्रों, नदी किनारे बसे गांवों, और शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है। प्रशासन को तत्काल अलर्ट मोड में रहने और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।