
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को थाइलैंड पहुंच गए हैं, जहां वह बिम्सटेक (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह सम्मेलन क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक प्रगति और आपसी साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी यात्रा के बारे में जानकारी साझा करते हुए लिखा, “अगले तीन दिनों में मैं थाईलैंड और श्रीलंका का दौरा करूंगा और इन देशों तथा बिम्सटेक देशों के साथ भारत के सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लूंगा।”
बिम्सटेक सम्मेलन का उद्देश्य और भारत की भागीदारी
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस सम्मेलन में थाइलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के नेताओं के साथ चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन विशेष रूप से क्षेत्रीय मुद्दों, व्यापार, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
भारत, बिम्सटेक संगठन के महत्वपूर्ण सदस्य देशों में से एक है और इसकी केंद्रीय भूमिका है। बिम्सटेक का गठन 1997 में हुआ था, और यह संगठन भारतीय उपमहाद्वीप और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। पीएम मोदी का इस सम्मेलन में भाग लेना भारत के विदेश नीति के दृष्टिकोण को और स्पष्ट करता है, जिसमें पड़ोसी देशों के साथ सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है।
पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता
पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। दोनों नेता आपसी संबंधों को और प्रगति की दिशा में ले जाने के उपायों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और म्यांमार के सैन्य जुंटा नेता मिन आंग ह्लाइंग से भी मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए थाईलैंड में भारतीय समुदाय ने एक भव्य स्वागत समारोह की योजना बनाई है। वे ‘गवर्नमेंट हाउस’ में थाई प्रधानमंत्री से मिलेंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक हो सकती है।
इटावा में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा: 18 लोग घायल
इस बीच, उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां नवरात्रि के मौके पर ब्राह्मणी देवी के मंदिर में दर्शन करके लौट रहे श्रद्धालुओं की ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। इस हादसे में 18 लोग घायल हो गए। घटना बुधवार शाम को बलरई थाना क्षेत्र के कीरतपुर गांव के पास हुई।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) अभय नाथ त्रिपाठी ने बताया कि आगरा जिले के चित्राहट क्षेत्र से 35 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर इटावा जिले स्थित ब्राह्मणी देवी मंदिर में दर्शन करने के लिए आए थे। वे जब मंदिर से लौट रहे थे, तभी ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इस हादसे में 18 लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
हादसे के बाद पुलिस और बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कार्यवाही कर रही है। हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं को यात्रा करते समय सुरक्षा के इंतजामों को लेकर चेतावनी दी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।