
म्यांमार में 28 मार्च 2025 को आए भीषण भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या एक बार फिर बढ़ गई है। जुंटा सरकार ने सोमवार (31 मार्च, 2025) को नए आंकड़े जारी किए, जिसके अनुसार भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,056 हो गई है, और 3,900 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। बचावकर्मी अब भी मलबे में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मलबे से और जीवित लोगों के बाहर निकलने की संभावना धीरे-धीरे कम होती जा रही है।
इस विनाशकारी भूकंप ने न केवल म्यांमार को प्रभावित किया, बल्कि पड़ोसी देशों, विशेषकर थाईलैंड को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। भूकंप के बाद, म्यांमार सरकार ने एक सप्ताह का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है, और मलबे में दबी इमारतों में फंसे लोगों के लिए बचाव कार्य जारी रखा है।
राष्ट्रीय शोक घोषित, ध्वज आधे झुके
म्यांमार के जुंटा सरकार ने देश में आए विनाशकारी भूकंप के कारण जानमाल की भारी हानि को देखते हुए एक सप्ताह के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। 28 मार्च को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में अब तक 2,056 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, और हजारों लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, कई इमारतें पूरी तरह से ढह गई हैं और मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका है।
सत्तारूढ़ जुंटा सरकार ने एक बयान में कहा कि 6 अप्रैल तक म्यांमार में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे, ताकि इस भयंकर आपदा में जान गंवाने वालों की श्रद्धांजलि दी जा सके और इस विनाशकारी भूकंप से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की जा सके।
तीन दिन बाद जीवित निकाली गई महिला
भूकंप के बाद मलबे में दबे लोगों के लिए हर दिन एक नई उम्मीद लेकर आ रहा है। सोमवार को अधिकारियों ने एक महिला को मलबे से जीवित निकाला। यह महिला भूकंप के तीन दिन बाद मांडले स्थित एक होटल के मलबे से जिंदा निकाली गई। यह घटना एक सकारात्मक संकेत के रूप में सामने आई, क्योंकि बचावकर्मी अधिक से अधिक जीवित लोगों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
म्यांमार स्थित चीनी दूतावास ने अपने फेसबुक पोस्ट में इस घटना की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि महिला को मांडले के ग्रेट वॉल होटल के मलबे से निकाला गया और उसकी स्थिति स्थिर है। मांडले वह स्थान है जो भूकंप के केंद्र के पास स्थित है, और यहां भी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है।
मलबे में दबे लोग: बचाव कार्य जारी
भूकंप के तुरंत बाद, बचाव कार्य तेजी से चलाया गया था। हालांकि, मलबे के नीचे दबे लोगों की संख्या अब तक बढ़ती जा रही है और आशा की किरण धीरे-धीरे धूमिल हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह भूकंप म्यांमार के कई हिस्सों में भारी तबाही का कारण बना, और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं।
बचावकर्मी अब तक मलबे में से 2,000 से अधिक शवों को निकाल चुके हैं, लेकिन अब भी कई स्थानों पर बचाव कार्य जारी है, जहां भारी ढांचे और इमारतें पूरी तरह से ढह चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन और सेना के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राहत टीम भी मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के प्रयास में जुटी हुई है।
थाईलैंड में भी भारी तबाही
म्यांमार में आए भूकंप ने केवल म्यांमार को ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश थाईलैंड को भी प्रभावित किया है। बैंकॉक में, एक निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत का हिस्सा ढह गया, जिसके बाद आपातकालीन दल ने मलबे के नीचे दबे 76 लोगों को खोजने के लिए बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इस घटना के बाद, तीन दिन से अधिक समय बीत चुका है, और बचाव दल को अब तक और शवों के मिलने की आशंका है, जिससे थाईलैंड में मरने वालों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
रविवार तक थाईलैंड में मरने वालों की संख्या 18 थी, लेकिन यह आंकड़ा अब बढ़ सकता है। बचावकर्मी अब भी मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। थाईलैंड की सरकार ने भी इस आपदा को गंभीरता से लिया है और म्यांमार के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए कदम उठाए हैं।