पंजाब सरकार ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजना की शुरुआत की है, जिसका सीधा लाभ राज्य के करोड़ों लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने संयुक्त रूप से “मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना” का शुभारंभ किया, जिसे देश की अब तक की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम बताया जा रहा है।
इस योजना के तहत पंजाब के 65 लाख परिवारों को सालाना ₹10 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मुफ्त में प्रदान की जाएगी। योजना 2 अक्टूबर 2025 से पूरी तरह लागू होगी और इसके तहत गांव-गांव कैंप लगाकर हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे। यह योजना हर वर्ग—गरीब, मध्यम वर्ग, सरकारी कर्मचारी और आशा वर्कर्स—को कवर करेगी।
“यह फैसला गरीबों की ज़िंदगी बदल देगा” — अरविंद केजरीवाल
इस मौके पर अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा,“आज पंजाब में एक क्रांतिकारी दिन है। ये योजना उस आम आदमी के लिए है, जो बीमारी की वजह से कर्ज में डूब जाता है, जमीन बेचनी पड़ती है या इलाज अधूरा छोड़ देता है। यह फैसला 50 साल पहले ही लिया जाना चाहिए था।” उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की प्राथमिकताएं हमेशा से शिक्षा और स्वास्थ्य रही हैं। “अगर ये दो सेवाएं मज़बूत नहीं होंगी, तो देश का विकास अधूरा रहेगा। जापान और सिंगापुर ने भी इन क्षेत्रों में निवेश कर विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।”
881 मोहल्ला क्लिनिक और 200 और जल्द शुरू होंगे
अरविंद केजरीवाल ने यह भी बताया कि पंजाब में अब तक 881 मोहल्ला क्लिनिक खोले जा चुके हैं, जहां लोग मुफ्त इलाज और दवाइयां प्राप्त कर रहे हैं। “जल्द ही 200 और मोहल्ला क्लिनिक शुरू किए जाएंगे, जिससे इनकी संख्या 1000 हो जाएगी,” उन्होंने कहा। दिल्ली सरकार की तर्ज पर अब पंजाब भी मोहल्ला क्लिनिक मॉडल को विस्तार दे रहा है, जिससे गांव और कस्बों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें।
क्या है ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’?
यह योजना अपने आप में अद्वितीय है क्योंकि इसमें, हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में इलाज संभव होगा, योजना का लाभ पाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड की जरूरत होगी, प्रत्येक सदस्य को अलग-अलग हेल्थ कार्ड मिलेगा, अगर किसी का कार्ड नहीं बना है, तो इलाज के दौरान अस्पताल में ही तुरंत बनाया जाएगा
सरकारी कर्मचारी, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत अब राज्य के सरकारी कर्मचारी, आंगनवाड़ी और आशा वर्कर्स भी पूरी तरह से कवर होंगे। लंबे समय से इन कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में समुचित कवरेज नहीं मिल पाता था, लेकिन अब ये सभी बिना किसी भेदभाव के योजना का लाभ उठा सकेंगे।
सीएम भगवंत मान बोले: “यह पंजाब की स्वास्थ्य क्रांति की शुरुआत है”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मौके पर कहा, “यह योजना पंजाब में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई सुबह लेकर आएगी। अब किसी भी परिवार को इलाज के लिए अपना घर या जमीन बेचने की जरूरत नहीं होगी। हम चाहते हैं कि हर पंजाबी परिवार को स्वास्थ्य की गारंटी मिले।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत कार्ड वितरण का काम जुलाई-अगस्त में शुरू होगा और तीन महीने में इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पंचायत स्तर पर समन्वय स्थापित किया गया है।
गांव-गांव लगेंगे हेल्थ कार्ड रजिस्ट्रेशन कैंप
इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार गांव-गांव कैंप लगाएगी। विशेष तौर पर तैयार मोबाइल वैन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों का रजिस्ट्रेशन करेंगी। इस अभियान के तहत पात्र नागरिकों को उनके आधार और वोटर कार्ड के आधार पर हेल्थ कार्ड जारी किए जाएंगे।
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
रजिस्ट्रेशन: नागरिक आधार कार्ड और वोटर आईडी के जरिए कैंप में या ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। हेल्थ कार्ड: प्रत्येक सदस्य को एक अलग हेल्थ कार्ड दिया जाएगा, जिसमें इलाज और बीमा की सारी जानकारी होगी। अस्पताल में इलाज: किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज करवाने के दौरान हेल्थ कार्ड दिखाकर मुफ्त कैशलेस सेवा प्राप्त की जा सकेगी। तत्काल कार्ड सुविधा: जिनका कार्ड नहीं बना होगा, वे अस्पताल में इलाज के समय अस्थायी हेल्थ कार्ड तुरंत बनवा सकते हैं।